हमारे PM से भी ज्यादा है यहां के मजदूरों की मंथली सैलरी, जानें पूरा स

हमारा भारत देश महान है। यहां मोबाइल सिम तो 5 रुपये में मिल जाती है, लेकिन रोटी नहीं। महंगाई है कि कम होने का नाम नहीं लेती और गरीबी बढ़ती ही चली जा रही है। सरकार यह दावा कर रही है कि लोगों की भलाई के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं फिर ऐसा क्यों?
 
भारत में गांधीगीरी का पाठ पढ़ाया जाता है। हम सब एक हैं, के नारे लगाए जाते हैं। लेकिन इसी देश में एक गरीब 17 रुपये रोज पर गुजारा करता है। यह हम नहीं, नेशनल सैंपल सर्वे का आंकड़ा कह रहा है। इतना ही नहीं, एक औसत ग्रामीण 23 रुपये रोजाना पर जिंदगी बसर कर रहा है। सरकार के आंकड़े बताते हैं कि पांच फीसदी भारतीय भयानक गरीबी में हमारे PM से भी ज्यादा है यहां के मजदूरों की मंथली सैलरी, जानें पूरा सचजी रहे हैं।

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